अंधेरे में जलाना सदा वो दीपक तम साथ करे, दगाबाज का कत्ल। अंधेरे में जलाना सदा वो दीपक तम साथ करे, दगाबाज का कत्ल।
दीवानेपन की इंतिहा ना कोई, चलता-फिरता इश्तिहार हूँ मैं ! दीवानेपन की इंतिहा ना कोई, चलता-फिरता इश्तिहार हूँ मैं !
आज़ादी एक जज़्बा नहीं जज़्बात है। आज़ादी एक जज़्बा नहीं जज़्बात है।
जिस नाम से उसे पुकारता अपने जज़्बात सुनाता कुछ तो कहता दूर जाने न देता जिस नाम से उसे पुकारता अपने जज़्बात सुनाता कुछ तो कहता दूर जाने न ...
आँखों के मेरे हर आँसू तुम अपने हाथों से पोंछते हो नहीं हो तुम आस पास मेरे फिर भी तेरा आँखों के मेरे हर आँसू तुम अपने हाथों से पोंछते हो नहीं हो तुम आस पास मेरे फिर...